एफडी पर जल्द बढ़ेगी ब्याज दर, आरबीआई ने दिये निर्देश

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सावधि जमा (एफडी) निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही बैंक एफडी पर ज्यादा ब्याज देना शुरू कर सकते हैं। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों से सीआरआर (कैश रिजर्व रेशियो) को 3% से बढ़ाकर 4% करने को कहा है। केंद्रीय बैंक ने बैंकों को अगले चार महीने में सीआरआर को कोरोना महामारी के पूर्व स्तर पर करने को कहा है।

बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि आरबीआई के इस कदम से बैंकों के पास लिक्विडिटी (तरलता) घटेगी। इसकी भरपाई के लिए वह निवेश के जरिये करेंगे। लिहाजा, वो एफडी समेत दूसरे निवेश माध्यमों पर ब्याज बढ़ाकर निवेशक को आकर्षित करेंगे। इससे एक बार फिर से एफडी पर ब्याज बढ़ोतरी का दौर शुरू होगा। गौरतलब है कि फरवरी 2013 से जनवरी 2020 के बीच सीआरआर 4 फीसदी के स्तर पर था। उस समय पर एफडी पर बैंक 6.50% से लेकर 7.50 फीसदी तक ब्याज मुहैया करा रहे थे। हालांकि, मार्च में कोरोना आने के बाद रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में बड़ी कटौती की जिससे ब्याज दर घटकर छह फीसदी से नीचे पहुंच गई है। अब एक बार फिर से बेहतर होते समय के साथ ब्याज दर में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है।

आरबीआई से चार महीने में मिला समय

आरबीआई से सीआरआर में बढ़ोतरी के लिए बैंकों को चार महीने का समय मिला है। पहले चरण में 27 मार्च, 2021 में सीआरआर बढ़ाकर 3.5 फीसदी किया जाएगा। दूसरे चरण में 22 मई 2021 को यह रेट बढ़कर 4 फीसदी हो जाएगा। सीआरआर वह अनुपात होता है जिसे बैंक अपने यहां डिपॉजिट के न्यूनतम हिस्से के तौर पर केंद्रीय बैंकों के पास नगदी के रूप में रखती है।

ईएमआई में भी बढ़ोतरी की संभावना

सीआरआर बढ़ने के एक तरह जमा पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ सकता है तो वहीं दूसरी ओर कर्ज लेना भी महंगा हो सकता है। ऐसा इसलिए कि जब बैंक जमा पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेंगे तो उसकी भरपाई के लिए लोन को भी महंगा करेंगे। इसका असर नए और पुराने सभी तरह के लोन पर देखने को मिल सकता है। यानी आपकी होम, कार और पर्सनल लोन की ईएमआई में बढ़ोतरी हो सकती है।

वरिष्ठ नागरिकों को हो रहा था नुकसान

कोरोना संकट के बाद एफडी पर घटे ब्याज से सबसे अधिक नुकसान वरिष्ठ नागरिकों और छोटे निवेशकों को हो रहा था क्योंकि वह सुरक्षित निवेश के तौर पर अपना पैसा एफडी में निवेश करते हैं। हालांकि, कोरोना के बाद ब्याज दर में बड़ी कटौती से उनका रिटर्न घट गया था जिससे उनको संकट का सामना करना पड़ रहा था। एफडी में बढ़ोतरी से एक बार फिर से उनको रहात मिलेगी।

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