कोरोना वायरस से पूर्णतः बाजार प्रभावित , सेंसेक्स 40,000 से नीचे

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 शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला बुधवार को लगातार चौथे दिन जारी रहा। कोरोना वायरस का संक्रमण दूसरे देशों में फैलने से इसके महामारी का रूप लेने का डर है। यही वजह है कि दुनियाभर के शेयर बाजारों में खौफ का माहौल है। मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए, जिसका असर बुधवार को भारत सहित एशियाई बाजारों पर पड़ा।बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 392 अंक यानी 0.97 फीसदी गिरकर 39,889 अंक पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी 50 भी 119 अंक यानी 1.01 फीसदी की कमजोरी के साथ कारोबार के अंत में 11,679 अंक पर बंद हुआ. पिछले चार दिन से शेयर बाजारों में जारी गिरावट से निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए हैं। कोरोना वायरस महामारी का रूप लेता दिख रहा है. चीन के अलावा यह कई दूसरे देशों में पहुंच गया है. अमेरिका में सरकार संस्था ने सरकार को इससे निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है. संस्था ने कहा है कि हालांकि अभी अमेरिका में इसका खतरा कम है, लेकिन इसके महामारी बनने की आशंका दिख रही है. इस बीमारी से चीन में करीब 80000 लोग संक्रमित हैं और 2700 लोगों की मौत हो चुकी है.
अमेरिकी और एशियाई बाजारों में कमजोरी के बाद बुधवार को यूरोपीय शेयर बाजार भी कमजोर खुले। डीएएक्स और सीएसी 2 फीसदी नीचे खुले. एफटीएसई भी 1.8 फीसदी नीचे चल रहा था। मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई थी। अमेरिका में भी लगातार चौथे सत्र बाजार गिरकर बंद हुए। बुधवार को बाजार में आई गिरावट में एफएंडओ एक्सपायरी का भी हाथ हो सकता है। गुरुवार को एफएंडओ की एक्सपायरी है। इससे पहले ट्रेडर्स ने बुधवार को अपने सौदे काटे। मंगलवार को बाजार में 49 फीसदी रोल-ओवर की खबर है। पिछली तीन सीरीज में यह 48 फीसदी रोलओवर के औसत आंकड़ों के करीब है।
बाजार को तीसरी तिमाही के जीडीपी की ग्रोथ के आंकड़े कमजोर रहने का डर है। शुक्रवार को दिसंबर तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी होंगे। निर्मल बंग इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा है कि तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में मामूली सुधार दिख सकता है। दूसरी तिमाही के 4.5 फीसदी के मुकाबले यह 4.6 फीसदी रह सकती है।

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