गोकुल अहिरवार के खाते में अंतरित की गई है भू-अर्जन अवार्ड की 57 लाख 23 हजार 496 रूपए की राशि

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गोकुल अहिरवार के खाते में अंतरित की गई है भू-अर्जन अवार्ड की 57 लाख 23 हजार 496 रूपए की राशि


किसानों की फसल को नहीं हुआ कोई भी नुकसान
 


भोपाल : गुरूवार, जुलाई 16, 2020, 19:25 IST

छतरपुर के चन्द्रपुरा स्थित औद्योगिक क्षेत्र की भूमि खसरा नम्बर 101 रकवा 0.340 हेक्टेयर भूमि हितग्राही गोकुल तनय मलोरा और गणेश प्रसाद तनय चन्ना अहिरवार के नाम भू-अर्जन होने पर अवार्ड की राशि 57 लाख 23 हजार 496 रूपए गोकुल अहिरवार के खाते में अंतरित की गई है। अनुविभागीय दण्डाधिकारी छतरपुर ने बताया कि उक्त राशि का अंतरण शामिल खातेदार गणेश प्रसाद की सहमति के आधार पर गोकुल के खाते में किया गया है।

इसी तरह खसरा नम्बर 686/1/2 रकवा 0.150 हेक्टेयर भूमि का अर्जन शामिल खाते में गोकुल की पत्नी राजाबाई के नाम से होने पर 2 लाख 38 हजार 490 रूपए राशि का और खसरा नम्बर 686/101/3/1 रकवा 0.260 हेक्टेयर भूमि के अर्जन में पारित राशि 4 लाख 24 हजार 260 का अधिनिर्णय गोकुल की पत्नी राजाबाई के नाम से शामिल खातेदारों के रूप में अर्जन किया गया है, जबकि खसरा नम्बर 101 रकवा 0.080 हेक्टेयर भूमि का अर्जन मलोरा अहिरवार के नाम से शामिल खातेदारों के रूप में 1 लाख 33 हजार 731 रूपए की राशि का अवार्ड पारित किया गया है। इन तीनों प्रकरणों में शामिल खातेदारों द्वारा सहमति प्रस्तुत नहीं करने के कारण राशि का अंतरण नहीं किया जा सका है।

राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार भूमि खसरा नम्बर 686/101 में मकान बने होने और अंश भाग रकवा 0.200 हेक्टेयर भूमि पर पूर्व वर्ष में गेहूं की फसल बोई गई थी। शेष रकवा पर मकान और गोकुल के द्वारा प्लाटिंग की गई है। इसी तरह भूमि खसरा नम्बर 101 रकवा 0.870 हेक्टेयर में मकान बना है और कुछ हिस्सा रोड में है। लगभग 0.400 हेक्टेयर पर पूर्व वर्ष में गेहूँ की फसल बोई गई थी।

उल्लेखनीय है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1956 सब सेक्शन 3ए(1) के तहत राजपत्र में प्रकाशन के बाद संबंधित भूमि का 13 अपै्रल 2017 को 7 लाख रूपए का अवार्ड पारित किया गया था, वर्ष 2018 में भी अवार्ड पारित किया गया, जबकि उक्त भूमि का 23 दिसम्बर 2019 को तत्कालीन एसडीएम अनिल सपकाले द्वारा गलत तरीके से 7 करोड़ रूपए का अवार्ड पारित किया गया। उक्त भूमि पड़त है और कृषि भूमि नहीं होने से किसानों की फसल को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने उक्त प्रकरण के बारे में बताया कि वर्ष 2016 से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा उक्त निर्माण कार्य शुरू किया गया है और पजेशन नहीं होने के कारण अब तक काम रूका हुआ था। भूमि का वर्ष 2017 और 2018 में अवार्ड पारित किया गया था। गोकुल अहिरवार के खाते में मकान की राशि 57 लाख 23 हजार 496 रूपए अंतरित की गई है, लेकिन जमीन की लगभग साढ़े 5 लाख रूपए की राशि 14 दावेदार और बैंक खाता नहीं होने के कारण गोकुल द्वारा अपने खाते में राशि चाही गई है। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार निर्धारित किया गया है कि भले ही अवार्ड पारित न किया गया हो और खातेदार को राशि आवंटित न की गई हो, लेकिन सार्वजनिक प्रायोजन के लिए अधिग्रहण की गई भूमि और धारा 3ए के तहत प्रारंभिक प्रकाशन की प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात भूमि का कब्जा लिया जा सकता है।


पूजा थापक



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