चीन ने ताइवान में उड़ाए तीन दिन में 100 लड़ाकू विमान

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चीन अपनी बदमाशियों से बाज नहीं आ रहा है। ड्रैगन ने ताइवान के रक्षा क्षेत्र के ऊपर से लगभग 100 सैन्य विमान उड़ाए, जिसके बाद से ताइवान ने भी चीन को चेतावनी देने के लिए अपने विमान भेजे थे। अब इस मामले पर अमेरिका भी भड़क गया है और उसने चीन को चेतावनी दे दी है। अमेरिका ने इस मामले पर चीन से उसकी “उकसाने वाली सैन्य” गतिविधियों को रोकने के लिए कहा है।

अमेरिका ने अपने बयान में कहा , ‘हम बीजिंग से अपील करते हैं कि वह ताइवान पर सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक दबाव और दंडात्मक कार्रवाई रोके।’ ताइवान के रक्षा मंत्रालय न बताया कि चीन की वायु सेना ने शुक्रवार, शनिवार और रविवार को फिर से सैन्य विमानों को भेजा था। अकेले शनिवार को 39 विमानों को ताइवान के क्षेत्र में देखा गया था।

ताइवान पिछले 1 साल से चीन की ऐसी घटिया हरकतों की शिकायत करता आ रहा है लेकिन चीन अपनी चालाकियों से बाज नहीं आ रहा है। चीन ने अभी तक अपनी गतिविधियों पर टिप्पणी नहीं की है, और यह स्पष्ट नहीं है कि बीजिंग ने मिशनों को माउंट करने का निर्णय लेने का क्या कारण हो सकता है। हालांकि शुक्रवार को देश का राष्ट्रीय दिवस था।

इससे पहले अपने बयानों में चीन कह चुका है  इस तरह की उड़ानें देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए थीं और इसका उद्देश्य ताइवान और अमेरिका के बीच “मिलीभगत” के खिलाफ है।

बयान में कहा गया कि अमेरिका ताइवान का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है और वहां की सरकार की पर्याप्त आत्मरक्षा क्षमता के लिए मदद करना जारी रखेगा। गृह युद्ध के बाद 1949 में ताइवान और चीन अलग हो गए थे।  ‘कम्युनिस्ट’ समर्थकों ने चीन पर कब्जा कर लिया था और उसके प्रतिद्वंद्वी ‘नेशनलिस्ट’ समर्थकों ने ताइवान में सरकार बनाई थी। 

ताइवान चीन के पूर्वी तट से 160 किलोमीटर दूर है और उसकी आबादी 2.40 करोड़ है। चीन पिछले एक साल से अधिक समय से ताइवान के दक्षिण में लगातार सैन्य विमान भेज रहा है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रविवार को चीन के 12 लड़ाकू विमान और चार अन्य सैन्य विमान उसके वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में दाखिल हुए। 

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