छह महीने में 1000% तक का रिटर्न दे रहे थे पेनी स्टॉक, अब सवालों के घेरे

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कोरोना महामारी के बुरे दौर में भी शेयर बाजार निवेशकों की चांदी है। बहुत सारी कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। वहीं, निवेशकों को कमाई कराने में बड़ी कंपनियों को पेनी स्टॉक (सस्ते शेयर) ने काफी पीछे छोड़ दिया हे। बीते छह महीने में कई पेनी स्टॉक ने निवेशकों को 500 फीसदी से लेकर 1000 फीसदी तक रिटर्न दिया है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञ ताबड़तोड़ पेटी स्टॉक में मिल रहे रिटर्न को चेता रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो दशकों में एक हजार से ज्यादा सूचीबद्ध कंपनियां शेयर बाजार से गायब हो चुकी हैं। इनका बड़ा हिस्सा पेनी स्टॉक का ही है। कोरोना संकट के बीच बाजार रिकॉर्ड हाई पर पहुंच चुका है लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार आना बाकी है। ऐसे में निवेशकों के लिए पेनी स्टॉक बड़ा नुकसान का कारण बन सकता है। ऐसा इसलिए कि पेनी स्टॉक में हेरफेर करना आसान होता है, क्योंकि एक तो इनकी खरीद-फरोख्त बहुत कम होती है, दूसरे इनका बड़ा हिस्सा कुछ निवेशकों या प्रमोटर्स के हाथ में होता है। इसके कारण इसमें तेज उछाल और गिरावट देखने को मिलता है। छोटे निवेश अधिक रिटर्न पाने के चक्कर में इनमें निवेश तो कर देते हैं, लेकिन जब इनमें गिरावट आता है तो वह अपना पैसा निकाल नहीं पाते हैं। इससे उनको बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है।

उछाल को लेकर आरबीआई ने भी चेताया था

कोरोना महामारी के बीच शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल को लेकर आरबीआई ने चेताया था। केंद्रीय बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा था कि भारतीय शेयर बाजार में जो उछाल दिख रही है, उसमें जोखिम है। आरबीआई ने कहा था कि यह तेजी इसलिए सही नहीं है कि मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी में गिरावट का अनुमान है और बाजार रोज नई ऊंचाई को छू रहा है। आदित्य बिड़ला ने भी निवेशकों को बाजार में असमान तेजी को लेकर चेताया था।

कैसे करें पेनी स्टॉक की पहचान

  • -पेनी स्टॉक का बाजार बाजार पूंजीकरण काफी कम होता है। आम तौर पर 10 रुपये से कम बाजार कीमत वाले शेयर इस श्रेणी में आते हैं।
  • -इन शेयरों के शेयरधारक की संख्या काफी कम होती है। इन शेयरों के बारे में बाजार में आम जानकारी भी बहुत कम होती है
  • -पेनी स्टॉक में तरलता भी कम होती है। इसका मतलब यह है बाजार खुलने पर ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी कम होता है।
  • -इनमें बहुत अधिक उतार-चढ़ाव होता है। बाजार खुलने पर यह लोअर या अपर सर्किट में ही खुलते हैं।

इन चार बातों का रखें ख्याल

1. ऐसे पेनी स्टॉक में निवेश बिल्कुल ना करें, जिसमें सिर्फ अपर सर्किट या लोअर सर्किट लगता रहता है। यानी ऐसे में अगर लगातार लोअर सर्किट लगने लगते हैं तो भारी नुकसान उठाना पड़ता है। कई दफा शेयर बेचना मुश्किल हो जाता है।

2. पेनी स्टॉक में निवेश से पहले कंपनी के बारे में अच्छे से जान लें कि उसका बिजनेस क्या है? उसके प्रबंधन में कौन शामिल हैं और उस कंपनी का कारोबारी मॉडल क्या है? अगर उस कंपनी का भविष्य दिखे तभी उसमें पैसे लगाएं।
3. पेनी स्टॉक में कभी कीमत देखकर निवेश ना करें कि सस्ता शेयर है तो कम पैसों में अधिक शेयर मिल जाएंगे। उस शेयर में निवेश करें जो रिटर्न अच्छा दे रहा हो, भले ही उसकी कीमत हजारों में हो।

4. पेनी स्टॉक में अगर आप निवेश कर रहे हैं तो ज्यादा लालच ना करें। अगर आपने जो सोचा है, उतने पैसे मिल गए तो तुरंत शेयर बेचकर बाहर निकल जाएं। वरना नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।

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