नए उद्यमियों को अवसर देने उद्योग नीति में होंगे व्यवहारिक बदलाव

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) की नेशनल कॉउंसिल मीटिंग में यह बात कही,”स्वतंत्रता दिवस पर हम हमारे शहीदों को याद करते हैं , जिन्होंने अपने रक्त से इस धरती को पवित्र किया लेकिन जब 26 जनवरी आती है तो हम सबको बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर याद आते हैं। उन्होंने देश को संविधान देकर शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो का मंत्र दिया। इन मंत्रों को हमने अपने जीवन में पूर्ण तरीके से उतारा है। उनके आर्थिक विचारों के अनुरूप देश में एससी-एसटी उद्यमिता विकास में डिक्की का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है।”

मैं अपने अनुसूचित जाति और जनजातीय भाइयों और उनके परिवारों का हर तरह से विकास करना चाहता हूं। इस मंच से यहां उपस्थित डिक्की के सदस्यों से कहना चाहता हूं कि आइए साथ बैठ कर बात कर के योजना बनाते हैं और धरातल पर उतारते हैं। ऐसी योजना जो व्यवहारिक हो और जिससे इन दोनों वर्गों के युवाओं को उद्यमिता के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलें।


कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री बिसाहू लाल सिंह, डिक्की के संस्थापक पद्मश्री डॉ मिलिंद काम्बले, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रविकुमार नारा, ट्राईफेड के एमडी प्रवीर कृष्ण, वेंचर कैपिटल फण्ड के जीएम शिवेंद्र तोमर, सांसद दुर्गादास उइके, वेस्ट इंडिया कॉर्डिनेटर संतोष काम्बले, डिक्की के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनिल सिरवैया, डॉ मनोज आर्य, हृदेश किरार आदि मौजूद थे।


उन्होंने कहा कि मुझे गर्व तब होगा जब अगले बार डिक्की की मीटिंग में हम ये कहेंगे कि पिछली बार जो कहा था वो अब धरातल पर है। हम जो सबसे पीछे और नीचे हैं उन्हें उनका हक , सुरक्षा और उनका संवैधानिक अधिकार उन्हें प्रदान करना चाहते हैं। इस अवसर पर भारत सरकार की तीन योजनाओं के मध्य प्रदेश में अवेयरनेस कार्यक्रम की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र में इन दोनों वर्गों की भलाई के कई कार्य कोई गए हैं और सरकार इनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा प्रदेश में लघु उद्योगों का जाल बिछाना है और इसमें प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। एससी-एसटी उद्यमी आगे आएं और अपना योगदान देवें। इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार की तीन नई योजनाओं अम्बेडकर सोशल इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन मिशन (असीम) , स्टैंड अप इंडिया और मुद्रा योजना पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

डिक्की के संस्थापक डॉ मिलिंद काम्बले ने बताया कि मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया, वेंचर कैपिटल फण्ड, एससी-एसटी हब जैसी योजनाओं में डिक्की की भूमिका की जानकारी देते कहा कि मध्य प्रदेश डॉ आंबेडकर की जन्मस्थली है। जिस तरह देश की कई राज्य सरकारों ने एससी एसटी उद्यमियों के लिए विशेष उद्योग नीतियां बनाईं हैं, वैसी ही नीति मध्यप्रदेश में बनाने की आवश्यकता है। श्री रवि कुमार नारा ने कहा कि सीआईआई जैसे चैम्बर के डिक्की आज देश में चौथे नंबर की बिज़नेस असोसिएशन है। दलित-आदिवासी उद्यमिता विकास के जरिये डिक्की राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान दे रही है।


डिक्की के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनिल सिरवैया ने कहा कि आज डिक्की का विस्तार पूरे प्रदेश में है। सभी 51 जिलों में डिक्की के कार्यालय हैं। डिक्की के छोटे छोटे घरों के युवाओं को उद्यमी के तौर पर तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा डिक्की के अनेक सदस्य आज प्रदेश में आदर्श उद्यमी के तौर पर काम कर रहें हैं।

डिक्की के साथ काम करेगा ट्राईफेड

भारत सरकार की संस्था ट्राईफेड के एमडी प्रवीर कृष्ण ने कहा कि ट्राइबल युवाओं को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ट्राईफेड डिक्की के साथ काम करेगा। वैंचर कैपिटल फण्ड के श्री तोमर फण्ड की विस्तार से जानकारी दी।एमएसएमई विभाग के उप संचालक संजय पाठक ने राज्य की योजनाएं की जानकारी दी। राज्य आजीविका मिशन के सीईओ एलएम बेलवाल ने राज्य में आजीविका गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी।

कहने नहीं करने में विश्वास रखते हैं – सखलेचा
एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा कहा कि आखिरी छोर के व्यक्ति को सबसे आगे लाने का प्रयास होना चाहिए। डिक्की एससी-एसटी वर्ग में उद्यमिता विकास के लिए डिक्की बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम केवल कहना में नहीं बल्कि उसे करने में विश्वास रखते हैं। हुनर और कला हर व्यक्ति में होती है, बस मंच देने की आवश्यकता होती है। सही मार्गदर्शन मिल जाए तो फिर सफलता खुद आती है। हमने हमेशा अपने अनुसूचित जाति और जनजातियों के लिए कार्य किया है। कलस्टर विकास जैसी योजनाएं चल रही हैं।

जनजातियों को उनके क्षेत्र में ही मौका दिया जाए : बिसाहू लाल सिंह
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री मंत्री बिसाहु लाल सिंह ने कहा कि हमारे प्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों में बहुत संपदा है, मगर इनका दोहन जनजातीय लोग नहीं करते हैं । हमारा प्रयास है कि आने वाले समय में जब इन क्षेत्रों में कोई भी कार्य शुरू हो तो उसमें यही के लोग काम करें न कि बाहर के लोग आएं। हम अपने जनजातीय लोगों को प्रशिक्षित करेंगे जिससे उनके क्षेत्र में ही उन्हें रोजगार मिले।

रोजगार देने वालें बने- सांसद
बैतूल सांसद दुर्गा दास उईके ने अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में ये धारणा बन गई है कि सिर्फ पढ़ाई लिखाई कर के नौकरी करना है। हमारे समाज में परंपरागत व्यवसाय को आगे बढ़ाते थे लेकिन रोजगार देने का भाव बहुत बाद में आया। डिक्की की ये पहल बहुत अच्छी है कि समाज के लोग रोजगार लेने वाले नहीं रोजगार देने वालें बने। ये एक गहन विचार है जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकार कार्य कर रही हैं।

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