फिर न रुला पाए प्याज इसलिए मोदी सरकार कर रही उपाय

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केंद्र ने राजस्थान सहित प्याज की खेती करने वाले पांच राज्यों से आगामी खरीफ सत्र के दौरान इस फसल के रकबे में 9,900 हेक्टेयर की बढ़ोतरी करने को कहा, ताकि किसी भी मूल्य वृद्धि की स्थिति से बचा जा सके।खरीफ के सत्र में कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश प्रमुख प्याज उगाने वाले राज्य हैं, जबकि राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश गैर-पारंपरिक रूप से प्याज उगाने वाले राज्य हैं।

सरकार ने प्याज की नियमित रूप से बड़े पैमाने पर खेती नहीं करने वाले राज्यों से ही प्याज का उत्पादन बढ़ाने को कहा है। कृषि आयुक्त एस.के. मल्होत्रा ​​ने राज्य सरकारों के साथ एक सम्मेलन में गैर-पारंपरिक राज्यों में खरीफ सत्र के दौरान प्याज का रकबा बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने फसल वर्ष 2021-22 (जुलाई-जून) के आगामी खरीफ सत्र के लिए एक रणनीति तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि यदि प्राकृतिक आपदाओं के कारण पारंपरिक प्याज उगाने वाले क्षेत्रों में उपलब्धता प्रभावित होती है, तो इससे मदद मिलेगी। उन्होंने पांच गैर-पारंपरिक प्याज उगाने वाले राज्यों को इस साल के खरीफ सत्र में प्याज का रकबा बढ़ाकर 51,000 हेक्टेयर करने के लिए कहा, जो इससे एक साल पहले की समान अवधि में 41,081 हेक्येटर था।

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