फेसबुक की मदद से 50 लाख तक का लोन ले सकेंगे छोटे कारोबारी

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सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने भारत के 200 शहरों में छोटे कारोबारियों के लिए एक खास लोन प्रोग्राम शुरू करने का ऐलान किया है। फेसबुक ने शुक्रवार को ‘स्मॉल बिजनेस लोन इनिशिएटिव’ नाम से इस स्कीम को लॉन्च किया। कंपनी ने छोटे कारोबारियों को लोन देने के लिए वित्तीय कंपनी इंडिफी के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत फेसबुक छोटे कारोबारियों (एमएसएमई) को पांच लाख से 50 लाख रुपये का लोन उपलब्ध कराएगा। कंपनी का कहना है कि इस योजना का लक्ष्य छोटे कारोबारियों (एमएसएमई) को कार्यशील पूंजी की जरूरत को आसानी से पूरा कराना है।

फेसबुक इंडिया के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, अजीत मोहन ने बताया कि छोटे कारोबारियों को इस लोन के लिए कोई कोलेट्रल नहीं देना होगा। यह लोन सिर्फ पांच दिन में पास होगा और इस पर 17 से 20 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज चुकाना होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं कारोबारियों को खास छूट दी जाएगी। उन्हें ब्याज दर में भी 0.2 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

क्यों अहम है एमएसएमई

  • 12 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है भारत में एमएसएमई क्षेत्र में
  • 45 प्रतिशत योगदान भारत के औद्योगिक उत्पादन में एमएसएमई का
  • 48 प्रतिशत हिस्सेदारी है देश के निर्यात में एमएसएमई की

एमएसएमई की जीडीपी में योगदान

  • 29 फीसदी योगदान भारत की जीडीपी में एमएसएमई का
  • 55 फीसदी योगदान जर्मनी की जीडीपी में योगदान एमएसएमई का
  • 60 फीसदी योगदान चीन की जीडीपी में एमएसएमई का है

पैसा फेसबुक की ओर से दिया जाएगा

छोटे कारोबारियों को पैसा फेसबुक की ओर से दिया जाएगा जबकि पैसा किसे देना है और उसकी रिकवरी किस प्रकार की जाएगी, इसका अंतिम निर्णय इंडिफी द्वारा किया जाएगा। गौरतलब है कि फेसबुक ने पिछले साल सितंबर में 100 मिलियन डॉलर का एक फंड बनाया था जिसे भारत सहित 30 अन्य देशों में उपयोग करने की बात कही गई थी। हालांकि, यह स्कीम बिल्कुल नई है और इसे पूरी दुनिया में सबसे पहले भारत में लॉन्च किया गया है।

अर्थव्यवस्था में एमएसएमई का अहम योगदान

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की विकास में एमएसएमई की खास भूमिका होती है। ऐसे में अब फेसबुक की इस मुहिम से एमएसएमई सेक्‍टर को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एमएसएमई को हर संभव मदद करने की दिशा में काम कर रही है। कोरोना महामारी के बाद भारतीय एमएसएमई के लिए बड़ा अवसर है। वह इस मौके का फायदा उठाकर वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं।

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