बीसीसीआई पूर्व अध्यक्ष एनश्रीनिवासन का खुलासा

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शनिवार को संन्यास लेने वाले पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MSDhoni) को लेकर किस्से-कहानियां  अभी तक जारी हैं. आम से लेकर खास तक हर कोई उनकी उपलब्धियों के बारे में बात कर रहा है, तो एमएस (MS Dhoni) के खास रहे बीसीसीआई (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष एनश्रीनिवासन ने उनके बारे में बड़ा खुलासा किया है. श्रीनिवासन ने खुलासा करते हुए कहा है कि कैसे उन्होंने धोनी की कप्तानी बचाए रखने के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल किया. बता दें कि यह साल 2011 वर्ल्ड कप के बाद वह समय था, जब ऑस्ट्रेलिया के हाथों टेस्ट सीरीज 4-0 से हारने के बाद चयन समिति एमएस धोनी को कप्तानी से हटाने का निर्णय ले चुकी थी. और यह निर्णय तब लिया गया था, जब सेलेक्शन कमेटी ने उनका स्थानापन्न खिलाड़ी भी नहीं चुना था. 

श्रीनिवासन ने कहा कि यह साल 2011का समय था और भारत विश्व कप जीत चुका था. और तब ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम ने टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया. ऐसे में सेलेक्टर उन्हें वनडे की कप्तानी से हटाना चाहते थे. सवाल यह है कि तुम एमएस को वनडे कप्तानी से कैसे हटा सकते हो? उन्होंने ये भी नहीं सोचा कि उनका विकल्प कौन होगा. इस विषय को लेकर काफी विमर्श हुआ और औपचारिक बैठक से पहले यहां कोई भी ऐसा रास्ता नहीं है, जिसमें वह खिलाड़ी नहीं रहेंगे. श्री बोले कि यह छुट्टी का दिन था और मैं गोल्फ खेल रहा था. मैं वापस आया. उस समय संजय जगदाले बीसीसीआई सचिव थे और उन्होंने मुझसे कहा, सर सेलेक्टर्स कप्तान चुनने से इनकार कर रहे हैं. वे उन्हें  टीम में चुनेंगे, इस पर मैंने कहा कि एमएस धोनी कप्तन होंगे. बतौर बीसीसीआई अध्यक्ष मैं अपने अधिकारों का अध्ययन कर चुका था. 

साल 2012 में मोहिंदर अमरनाथ चयन समिति का हिस्सा थे और उन्होंने श्रीनिवास से धोनी की कप्तनी को लेकर सदस्यों के बीच सहमति न बनने के बारे में बताया था. लेकन बीसीसीआई अध्यक्ष ने सर्वसम्मति से लिए गए फैसले को मंजूरी नहीं दी. उन्होंने कहा कि यहां कुछ पूर्वाग्रह दिखाई पड़ रहे थे, जो प्रदर्शित हुए. एमएस ने साल 1983 के बाद वर्ल्ड कप जिताया था और आप कह रहे हैं, ‘मैं उन्हें वनडे कप्तान नहीं देखना चाहता.’ श्री ने कहा कि मैं सोचता हूं कि यह बहुत ही गलत बात थी और मैं अपनी बात पर अडिग रहा. एमएस एक शानदार शख्स और क्रिकेटर है. मुझे उन्हें नजदीक से जानने का मौका मिला और मैंने उनके साथ एक दशक से भी ज्यादा काम किया. मैंने अपने जीवन में बहुत से क्रिकेटरों को देखा है, लेकिन एममएस की योग्यता असाधारण है. उन्होंने हमेशा ही भारत और टीम के बारे में सोचा. 

बीसीसीआई पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मैं उन्हें चयन समिति की बैठकों में देख चुका हूं. एमएस जो भी विचार रखते थे, वह बहुत ही तार्किक होते थे. उन्होंने कभी पूर्वाग्रहों का प्रदर्शन नहीं किया. मैं सोचता हूं कि इस पहलू से उन्होंने बाकियों के मुकाबले अपना कद ऊंचा कर कर लिया. मैं व्यवसाय और खेल जीवन में बहुत से लोगों से मिला हूं, लेकिन एमएस के स्वभाव, समझ की बराबरी करना किसी के लिए भी बहुत ही मुश्किल होगा.

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