मध्यप्रदेश में मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाए एमएसएमई एवं युवा उद्यमी, शासन देगा 50% तक सब्सिडी

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भारत सरकार, एमएसएमई मंत्रालय के एमएसएमई विकास संस्थान, इंदौर द्वारा मध्यप्रदेश शासन के सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग एवं दलित इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्रीज मध्य प्रदेश (डिक्की) के संयुक्त तत्वाधान में मेडिकल ऑक्सीजन में स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता विषय पर एमएसएमई एवं युवा उद्यमियों में जागृति हेतु एक ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कम लागत में स्थानीय स्तर पर मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने के विषय पर जानकारी प्रदान करते हुए इस संदर्भ में मध्यप्रदेश शासन की विशेष प्रोत्साहन योजना एवं विकास आयुक्त (एमएसएमई) कार्यालय की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था।

करीब 110 से अधिक रजिस्टर्ड प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए एमएसएमई विकास संस्थान, इंदौर के जॉइंट डायरेक्टर एवं कार्यालय प्रमुख श्री डी सी साहू ने सभी उद्यमियों को मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्रदान की एवं साथ ही सभी से आव्हान किया कि वे इस नए क्षेत्र में अपने उद्यम स्थापित करें ताकि मध्यप्रदेश ऑक्सीजन में आत्मनिर्भर के साथ ही सरप्लस स्टेट बनने की ओर अग्रसर हो सके।

मध्यप्रदेश शासन के सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के डिप्टी डायरेक्टर श्री संजय पाठक एवं उनकी सहयोगी सहायक निदेशक तृप्ति पाटिल ने प्रतिभागियों को मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट के संबंध में मध्यप्रदेश शासन की विशेष प्रोत्साहन योजना की जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश संभवतया देश का पहला ऐसा राज्य है जहां मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर लागत का 50% तक कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है। अतः सभी उद्यमी इस क्षेत्र में मौजूद संभावना का विस्तृत अध्ययन करके अपने उद्यम स्थापित करें, मध्य प्रदेश शासन पूर्ण सहयोग करेगा।

कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित श्री शैलेन्द्र सिंह , तकनीकी विशेषज्ञ (ऑक्सीजन प्लांट्स) ने छोटे स्तर के ऑक्सीजन प्लांट, तहसील या कस्बा स्तर पर स्थापित करने पर जोर दिया एवं 35-40 लाख की कम लागत में भी चालू होने वाले प्लांट के तकनीकी पहलू पर प्रकाश डाला। साथ ही श्री सिंह ने ऑक्सीजन के लोगिस्टिक और प्लांट के मेंटेनेंस से जुड़े पहलुओं की भी विवेचना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिक्की मध्य प्रदेश के मेंटर श्री मनोज आर्य, ने शासन के प्रति मेडिकल ऑक्सिजन प्लान्ट हेतु 50% सब्सिडी की योजना चालू करने पर आभार प्रकट किया एवं प्रतिभागियों को विभिन्न उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे आपदा को अवसर में बदलकर युवा उद्यमी अपना उद्यम लगाकर मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग कर देश की सेवा कर सकते हैं ।

कार्यक्रम के समन्वयक अधिकारी श्री गौरव गोयल, सहायक निदेशक, एमएसएमई विकास संस्थान, इंदौर ने बताया कि आगे भी संस्थान की इसी श्रृंखला में अन्य कार्यशालाएं आयोजित करने की तैयारी है, जिस से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अधिक से अधिक सहायता मिल सके। उन्होंने प्लांट लगाने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता के विकल्प भी एमएसएमई इकाइयों को बताए एवं कार्यक्रम में पधारे अतिथियों एवं प्रतिभागियों का एमएसएमई विकास संस्थान इंदौर की तरफ से आभार प्रकट किया ।

वेबिनार के मॉडरेटर इंक्लूसिव ग्रोथ फाउंडेशन के श्री प्रकल्प जैन ने इस महामारी के समय स्वास्थ्य संसाधनों की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए युवा उधमियों को आगे आने का आवाहन किया। साथ ही उनके द्वारा प्रतिभागियों के प्रश्नों पर पैनल स्पीकर्स से समाधान प्राप्त किया।

इस कार्यशाला में प्रदेश के 35 से भी अधिक जिलों एवं देश के अन्य शहरों हरिद्वार, दिल्ली, चेन्नई, पुणे, नाशिक एवं रायपुर से विभिन्न एमएसएमई इकाइयों के प्रतिनिधि, युवा उधमियों, विभिन्न अस्पतालों के प्रतिनिधि आदि ने भाग लिया।

कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने हेतु दलित इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्रीज (डिक्की) की तरफ से डॉ अनिल सिरवैया, वाईस प्रेजिडेंट का विशेष सहयोग रहा ।

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