मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रवासी एवं अन्य राज्यों के मजदूरों को नि:शुल्क राशन वितरण प्रारंभ किया

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मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रवासी एवं अन्य राज्यों के मजदूरों को नि:शुल्क राशन वितरण प्रारंभ किया


आत्मनिर्भर भारत योजना में मिलेगा 2 माह कानि:शुल्क राशन
मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से मजदूरों से चर्चा की
 


भोपाल : मंगलवार, जून 9, 2020, 20:00 IST

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के प्रवासी मजदूरों एवं मध्यप्रदेश में रूके अन्य राज्यों के मजदूरों को 2 माह के नि:शुल्क राशन का प्रदाय प्रारंभ किया। योजना के अंतर्गत इन मजदूरों को माह मई एवं जून के लिए 5 किलो प्रतिमाह प्रति सदस्य के मान से कुल 10 किलो गेहूँ एवं प्रति परिवार 1 किलो के मान से 2 किलो साबुत चना वितरित किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मजदूरों से बातचीत भी की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल के श्री मिथुनजी, श्री बन्ने खां, अहमदाबाद गुजरात के मुरैना में रूके हुए श्री अरविंद राठौर एवं श्री गणेश आदि से चर्चा की तथा उनका हाल जाना। सभी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा बताया कि उन्हें 10-10 किलो गेहूँ एवं 2-2 किलो चावल नि:शुल्क प्राप्त हो गए हैं।

इस अवसर पर गृह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण सहकारिता मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत उपस्थित थे।

बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 18 हजार 452 परिवारों एवं 32 हजार 436 सदस्यों को लाभान्वित किये जाने के लिये चिन्हांकन किया जाकर खाद्यान्न वितरण प्रारंभ किया गया है। हितग्राहियों के चिन्हांकन के साथ ही उन्हें लाभ देने की कार्यवाही जारी रहेगी। प्रवासी मजदूरों को पीओएस मशीन में पृथक श्रेणी में प्रदर्शित कराया जाकर उसके माध्यम से गेहूँ का वितरण कराया जा रहा है एवं वितरण के समय हितग्राहियों को राशन वितरण के साथ पीओएस मशीन से जारी पावती दी जा रही है। माईग्रेंट एवं रूके हुए मजदूरों को तत्काल राशन का वितरण करने के लिए दुकान पर उपलब्ध स्टॉक में से वितरण प्रारंभ कर दिया गया है ताकि हितग्राहियों को तत्काल खाद्यान्न प्राप्त हो सके।


पंकज मित्तल



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