रिटर्न की तारीख बढ़ी लेकिन कर जमा करने में राहत नहीं, 31 जुलाई के बाद एक लाख से अधिक टैक्स बकाये पर एक फीसदी की दर से पेनल्टी

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कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण, सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने, फॉर्म 16 जारी करने और अन्य सहित कई आयकर संबंधी समय सीमा बढ़ा दी है। हालांकि, वित्त वर्ष 20-21 के लिए स्व-मूल्यांकन कर का भुगतान करने की समय सीमा उन व्यक्तियों के लिए नहीं बढ़ाई गई है जिनकी कर देयता टीडीएस और अग्रिम कर की कटौती के बाद 1 लाख रुपये से अधिक है। ऐसे व्यक्तियों को 31 जुलाई तक 1 लाख रुपये से अधिक के स्व-मूल्यांकन कर का भुगतान नहीं करने पर जुर्माना भरना होगा।

टैक्स एवं निवेश विशेषज्ञ बलवंत जैन ने हिन्दुस्तान को बताया कि पिछले साल भी कोविड को देखते हुए जिनके ऊपर कर देयता एक लाख रुपये से अधिक थी उसे 31 जुलाई तक जमा करने का निर्देश दिया गया था। इस बार भी 1 लाख रुपये से अधिक करदेयता वाले करदाताओं को 31 जुलाई, 2021 तक जमा करना होगा। अगर, वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनको आयकर कानून 234ए के तहत एक फीसदी प्रति महीने की दर से बकाया कर पर पेनल्टी का भुगतान करना होगा।

वरिष्ठ नागरिकों को राहत

हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि अगर वरिष्ठ नागरिक (जिनको आयकर कानूनों के अनुसार अग्रिम कर का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है) 31 जुलाई, 2021 से पहले किसी भी कर का भुगतान करते हैं, तो भुगतान किए गए कर को अग्रिम कर माना जाएगा। इसके अलावा, अगर इसके कारण अंतिम कर देयता 1 लाख रुपये से कम हो जाती है, तो धारा 234ए के तहत दंडात्मक ब्याज नहीं लगाया जाएगा। हालांकि, 60 साल के उम्र के लोगों को कोई राहत नहीं दी गई है।

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