वैश्विक प्रवृत्ति से तय होगी बाजार की चाल; शेयर बाजारों में रह सकता है उतार-चढ़ाव: विश्लेषक

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इस सप्ताह किसी महत्वपूर्ण घरेलू गतिविधियों के अभाव में शेयर बाजार की चाल वैश्विक प्रवृत्ति, कोरोना वायरस के नये प्रकार को लेकर खबरों तथा टीकाकरण के मामले में प्रगति पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों ने अपने विश्लेषण में यह कहा है।

वायदा एवं विकल्प खंड में सौदों के निपटान को देखते हुए शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘इस सप्ताह पर्याप्त नकदी, टीके को लेकर सकारात्मक खबर और ब्रेक्जिट समझौते से बाजार में सकारात्मक गति बने रहने की उम्मीद है। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ऐतिहासक व्यापार समझौते पर पहंचने में कामयाब रहे। हालांकि यूरोप के कई भागों में कोरोना वायरस के नये प्रकार स्ट्रेन को लेकर बढ़ता जोखिम बाजार में तेजी पर लगाम लगा सकता है। इसके अलावा, माह के अंत में वायदा एवं विकल्प खंड में अनुबंधों के निपटान से बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।’’

ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच बृहस्पतिवार को ऐतिहासिक समझौता हुआ। दोनों पक्ष ब्रेक्जिट मुक्त व्यापार समझौते के बाद 31 दिसंबर की समयसीमा से कुछ ही दिन पहले मुक्त व्यापार समझौते को लेकर मसलों के निपटाने में सक्षम रहे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘ब्रेक्जिट समझौते के साथ आने वाले दिनों में वायरस को लेकर नये मामलों के संदर्भ में चिंता बनी रहेगी। निवेशकों को गुणवत्तापूर्ण क्षेत्र के शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) निवेश की प्रवृत्ति पर भी नजर होगी क्योंकि हाल की तेजी में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस सप्ताह कोई महत्वपूर्ण आंकड़ा और घोषणा की उम्मीद है।’’ च्वॉइस ब्रोकिंग के शोध विश्लेषक सतीश कुमार ने कहा कि निवेशकों को ब्रिटेन में वायरस और टीकाकरण की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।

इन सबके अलावा निवेशकों की नजर डॉलर के मुकाबले रुपये की गति और ब्रेंट क्रूड भाव पर भी होगी।

पिछले सप्ताह 25 दिसंबर को क्रिसमस अवकाश के कारण कारोबार कम दिन का हुआ। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 12.85 अंक या 0.02 प्रतिशत मजबूत हुआ।

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