सुशील कुमार की गिरफ्तारी के बाद गैंगवार की आशंका, दिल्ली पुलिस की दो गैंगस्टर के गुर्गों पर पैनी नजर

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छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले की जांच के क्रम में गैंगस्टर कनेक्शन सामने आने के बाद से यूं तो दिल्ली पुलिस पहले से सतर्क है। लेकिन, अब खुफिया इकाइयों से गैंगवार की आशंका होने के बारे में इनपुट मिलने के बाद पुलिस पूरी तरह चौकन्नी हो गई है। पुलिस की कई टीम गैंगस्टर काला जठेड़ी और नीरज बवाना के पूरे नेटवर्क के पीछे लगी हुई है ताकि उनकी गतिविधि के बारे में पता चल सके। इनके गुर्गों पर पैनी नजर रखी जा रही है। उधर, सुशील की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जांच के क्रम में सुशील को कमांडो टीम की सुरक्षा के बीच ठिकानों पर ले जाया जा रहा है।

दरअसल, जांच में खुलासा हुआ है कि छत्रसाल स्टेडियम में हुई वारदात के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा कब्जे में ली गई गाड़ियों में से एक गाड़ी कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना का दायां हाथ कहे जाने वाले एक गुर्गे की है। वहीं, जब सागर पर हमला किया गया था तो उसके साथ ही सोनू महाल नाम के उसके एक साथी को भी पीटा गया था। सोनू महाल दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत चार राज्यों में मोस्ट वांटेड गैंगस्टर संदीप काला उर्फ काला जठेड़ी का रिश्तेदार है।

पुलिस की मानें तो सोनू पर भी कुछ मामले दर्ज हैं। ऐसे में दोनों गैंगस्टर संदीप काला उर्फ काला जठेड़ी और नीरज बवाना के बीच गैंगवार छिड़ने की आशंका बढ़ गई है। इसका खुफिया अलर्ट भी जारी किया गया है। दोनों गैंगस्टर के करीबी गुर्गों के सक्रिय होने की सूचना मिल रही है। खुफिया सूचना मे यह भी बताया गया है कि दोनों तरफ से तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में गैंगस्टर के गुर्गों पर पैनी नजर रखने के लिए दिल्ली पुलिस की कई टीम लगी हुई हैं।

दोनों गुटों के कई गुर्गें भूमिगत
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में नीरज बवाना और काला जठेड़ी का नाम सामने आने के बाद से ही पुलिस इन गैंग के गुर्गों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। इनमें से कुछ सक्रिय गुर्गों पर विशेष नजर थी लेकिन वे अचानक भूमिगत हो गए हैं। ऐसे में यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं दोनों गैंगस्टर के गुर्गे अंडरग्राउंड होकर कोई बड़ी साजिश तो नहीं रच रहे हैं। बहरहाल, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच के अलावा जिला पुलिस की टीम को भी दोनों गैंगस्टर के नेटवर्क की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

कौन है नीरज बवाना
दिल्ली-एनसीआर में नीरज बवाना को अपराध की दुनिया में खौफ का दूसरा नाम कहा जाता है। नीरज बवाना ने 16 साल पहले जरायम की दुनिया कदम रखा था। इसके बाद उसके अपराध और इसी के साथ उसका खौफ बढ़ता चला गया। नीरज दिल्ली के बवाना गांव का रहने वाला है। वह अपने उपनाम की जगह अपने गांव का नाम बताता है। नीरज के खिलाफ हत्या, लूट और जान से मारने की धमकी जैसे कई संगीन मामले दिल्ली समेत अन्य राज्यों में दर्ज हैं। नीरज बवाना अभी तिहाड़ जेल में बंद है लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह जेल से ही अपने गुर्गों के जरिए गैंग चला रहा है। दिल्ली और आस-पास के इलाकों में नीरज बवाना और दूसरे गैंग वर्चस्व की लड़ाई में खूनी खेल खेलते रहते हैं। नीरज बवाना के गैंग में अभी 70 से 80 सदस्य होने की सूचना है।

कौन है काला जठेड़ी
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत चार राज्यों में मोस्ट वांटेड संदीप उर्फ काला जठेड़ी सोनीपत राई के गांव जठेड़ी का रहने वाला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह मौजूदा समय में सबसे बड़ा गैंग चला रहा है। उसके गैंग में कई गैंगस्टर भी शामिल हैं। काला जठेड़ी गैंग पर हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट और डकैती की करीब तीन दर्जन वारदात के आरोप हैं। 12वीं तक पढ़ा काला पहले केबल ऑपरेटर था, लेकिन जून 2009 में उसने रोहतक के सांपला में लूट के दौरान हत्या की वारदात की। इसके बाद वह लगातार अपराध करता चला गया। काला पहले लारेंस बिश्नोई गिरोह के लिए काम करता था। लॉरेंस के जेल जाने के बाद उसका साथी राजू बसौदी थाईलैंड में बैठकर गैंग चला रहा था। लेकिन पुलिस ने वहां से डिपोर्ट कराकर उसे गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद से इस गिरोह को काला जठेड़ी ही चला रहा है। काला जठेड़ी के बारे में सूचना है कि वह नेपाल के रास्ते थाईलैंड की तरफ चला गया है। हालांकि उसकी सही लोकेशन अभी तक पता नहीं चल पाई है। जठेड़ी के गैंग में 200 बदमाशों के होने का पता चला है।

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