सेंसेक्स में 1100 अंकों की गिरावट; 17450 के नीचे आया निफ्टी

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शेयर बाजार में जो गिरावट सुबह देखने को मिली वो थमने का नाम नहीं ले रही है। दोपहर 12:15 पर सेंसेक्स 1121.69 से अधिक की अंकों की गिरावट साथ 58,514.32 पर ट्रेड कर रहा था। बाॅम्बे स्टाॅक एक्सचेंज में बजाज फाइनेंस के शेयरों में सबसे अधिक 5.49% की गिरावट देखने को मिली। जबकी रिलायंस के शेयर 4.17% नीचे लुढ़क गए। वहीं, नेशनल स्टाॅक एक्सचेंज यानी निफ्टी  319.25 अंकों की गिरावट के साथ 17,445.55 अंकों पर ट्रेड कर रहा था। 

सुबह का हाल

शेयर बाजार की शुरुआत आज निराशाजनक रही। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन को ही सेंसेक्स में शुरूआती कारोबार में 300 अंकों से अधिक की गिरावट देखने को मिली। सुबह 9:18 मिनट पर 30 संवेदी सूचकांक वाला सेंसेक्स 325.28 यानी 0.55% की गिरावट के साथ 59,310.73 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 133.85 अंकों की गिरावट के साथ 17,764.80 पर कारोबार कर रहा था। पेटीएम के शेयरों में आज सुबह भारी फिर से भारी गिरावट देखने को मिली। 

आज सुबह सेंसेक्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे अधिक 3.34% की गिरावट देखने को मिली। वहीं, बजाज फाइनेंस, एलटी, टाइटन, HDFC, डाॅ रेड्डी के शेयर भी आज गिरावट देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर भारती एयरटेल आज सुबह हरे निशान के ऊपर कारोबार कर रहा था। इसके अलावा इंडसंइड बैंक, एनटीपीसी, हिन्दुस्तान यूनिलीवर की भी शुरुआत पाॅजिटिव रही। 

इस सप्ताह कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल 

रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने अनुसार, ”सप्ताह के दौरान 25 नवंबर को माह के डेरिवेटिव्स अनुबंधों के निपटान की वजह से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रह सकता है। साथ ही घरेलू मोर्चे पर कोई बड़ा घटनाक्रम नहीं होने की वजह से निवेशक संकेतकों के लिए वैश्विक बाजारों पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करेंगे।” 
     
सैमको सिक्योरिटीज में इक्विटी शोध प्रमुख येशा शाह ने कहा, ”तिमाही नतीजों का सीजन समाप्त होने के बाद दलाल पथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों से दिशा लेगा। किसी तरह के सकारात्मक उत्प्रेरक के अभाव में बाजार दबाव में रह सकता है।” उन्होंने कहा कि बाजार पर वैश्विक वृहद रुख का प्रभाव रहेगा, ऐसे में निवेशकों को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत होगी और आक्रामक रुख अपनाने के बजाय चुनिंदा  दृष्टिकोण का विकल्प चुनना होगा।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”आगे मुद्रास्फीतिक दबाव वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का विषय रहेगा। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से भारत जैसे उभरते बाजारों से पूंजी निकाली जा सकती है।” मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि इसके अलावा रुपये की चाल, ब्रेंट कच्चे तेल का दाम और विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुझान भी बाजार की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा।

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