सेंसेक्स 62000 के करीब और निफ्टी 18500 के पार

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शेयर बाजार की शुरुआत भी आज धमाकेदार हुई है। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी एक नई ऊंचाई के साथ खुले।  बीएसई का 30 स्टॉक्स वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 61,817.32 के स्तर पर खुला तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी नए रिकॉर्ड 18,500.10 के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 523.67 अंक उछल कर 61,829.62  के स्तर पर था तो निफ्टी 144 अंकों की बढ़त के साथ 18483 पर।

निफ्टी टॉप गेनर में आज हिन्डाल्को में 5 फीसद से अधिक तेजी देखी जा रही है। वहीं जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा मोटर्स, आईओसी, ओएनजीसी भी टॉप गेनर की लिस्ट में हैं। जबकि एशियन पेंट्स, आयशर मोटर्स, सिप्ला, बजाज ऑटो और डॉक्टर रेड्डी टॉप लूजर में।

कई बड़ी कंपनियों के नतीजे इस हफ्ते

इस सप्ताह अल्ट्राटेक सीमेंट, एसीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर लि., एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान जिंक, आईडीबीआई, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, साउथ इंडियन बैंक, फेडरल बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही नतीजे आने हैं। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, यदि हम इस सप्ताह के लिए संकेतकों की बात करें, तो तिमाही नतीजों का दबदबा रहेगा। सोमवार को बाजार एचडीएफसी बैंक और एवेन्यू सुपरमार्ट्स के नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, एसीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले, एशियन पेंट्स, जेएसडब्ल्यू स्टील, एचडीएफसी लाइफ और रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजे भी सप्ताह के दौरान आने हैं।

बैंकिंग क्षेत्र पर रहेगी नजर

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, आगामी दिनों में बैंकिंग क्षेत्र पर सभी की निगाह रहेगी। इस दौरान बैंकों के तिमाही नतीजों की शुरुआत होगी। कंपनियों के तिमाही नतीजे मजबूत रहने से भारतीय बाजार में तेजड़िया दौड़ जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि नतीजे बाजार उम्मीद से अलग रहते हैं, तो लघु अवधि में संबंधित वर्ग में कुछ ‘करेक्शन’ भी आ सकता है। इसके अलावा बाजार की निगाह रुपये के उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेशको के रुख तथा ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी।

विदेशी निवेशकों ने 1,472 करोड़ रुपये निकाले

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) अक्तूबर में अबतक भारतीय पूंजी बाजारों में शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं। इससे पिछले दो माह के दौरान एफपीआई ने भारतीय बाजारों में निवेश किया था। विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये में गिरावट तथा वैश्विक कारकों की वजह से एफपीआई बिकवाली कर रहे हैं। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, चालू महीने में विदेशी निवेशकों ने अबतक भारतीय पूंजी बाजारों से शुद्ध रूप से 1,472 करोड़ रुपये की निकासी की है। ऋण या बांड बाजार को लेकर एफपीआई के रुख पूरी तरह पलट गया है। इससे पहले सितंबर में एफपीआई ने बांड बाजार में 13,363 करोड़ रुपये और अगस्त में 14,376.2 करोड़ रुपये का निवेश किया था। अक्टूबर में वे बांड बाजार से 1,698 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं।

शीर्ष आठ कंपनियों का पूंजीकरण 1.52 लाख करोड़ बढ़ा

शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से आठ ने पिछले सप्ताह बाजार मूल्यांकन में कुल मिलाकर 1,52,355.03 करोड़ रुपये जोड़े, जिसमें एचडीएफसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक सबसे बड़े लाभ में रहे। शीर्ष -10 फर्मों की रैंकिंग में, रिलायंस इंडस्ट्रीज चार्ट में सबसे आगे थी, इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक थे।

तीन कंपनियों के आईपीओ इसी महीने संभव

अडाणी विल्मर, स्टार हेल्थ और नायका इसी महीने आईपीओ ला सकती हैं। तीनों कंपनियों को सेबी की मंजूरी मिल चुकी है। अडाणी विल्मर और स्टार हेल्थ को शुक्रवार को जबकि नायका को उससे पहले इसी हफ्ते में मंजूरी मिली थी। अडाणी विल्मर, अडाणी ग्रुप की सातवीं कंपनी होगी जो शेयर बाजार में लिस्ट होगी। इससे पहले 6 कंपनियां इस ग्रुप की लिस्ट हो चुकी हैं।

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