सोने से तेज दौड़ी चांदी, चार दिन में करीब 4000 रुपये की लगाई छलांग

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बजट से पहले पिछले छह सत्रों में शेयर बाजार को काफी झटका लग चुका है। सेंसेक्स 21 जनवरी के अपने सर्वाकालिक ऊंचाई से करीब 4000 अंक नीचे आ चुका है। वहीं अगर सोने की बात करें तो इसका भाव जनवरी महीने में 809 रुपये प्रति 10 तक गिर चुका है। 31 दिसंबर 2020 को सर्राफा बाजार में सोने का भाव 50202 रुपये था। वहीं चांदी इस अवधि में 2343 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है। इंडियन बुलियन एसो. की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 31 दिसंबर 2020 को चांदी 67383 रुपये प्रति किलो के रेट से बिकी थी। हालांकि अभी भी सोना अपने ऑल टाइम हाई से 6861 रुपये सस्ता है और चांदी पिछले साल के अपने उच्च स्तर से 6282 रुपये प्रति किलो तक सस्ती है।

चार दिन में चांदी 3934 रुपये महंगी हुई
जनवरी के आखिरी हफ्ते में सर्राफा बजारों में सोने के हाजिर भाव में तो केवल 253 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई पर चांदी के हाजिर भाव में बड़ा उछाल देखने को मिला। बीते हफ्ते चांदी 3934 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई। बता दें 22 जनवरी को चांदी 65792 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, जबकि 29 जनवरी को यह 69729 रुपये पर पहुंच गई। 2020 में 25 फीसद की आई थी तेजी 
कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों और सरकारों द्वारा राजकोषीय उपायों ने पिछले साल सोने की कीमतों में 25 फीसद से अधिक की वृद्धि की थी, जबकि चांदी लगभग 50 फीसद बढ़ गई थी। सोने को महंगाई और मुद्रा में आई गिरावट से सुरक्षा देने वाला माना जाता है। बता दें देशभर के सर्राफा बाजारों में सात अगस्त 2020 को गोल्ड का हाजिर भाव 56254 पर खुला। यह ऑल टाइम हाई था।

इसके बाद शाम को यह थोड़ी गिरावट के बाद 56126 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। जहां तक चांदी की बात करें तो इस दिन यह 76008 रुपये प्रति किलो के रेट से खुली थी और 75013 रुपये पर बंद हुई थी। बता दें चांदी का भाव एमसीएक्स पर 25 अप्रैल 2011 को रिकॉर्ड 73,600 रुपये प्रति किलो तक उछला था, जबकि हाजिर बाजार में चांदी का भाव 2011 में 77,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था।  सोने का भाव 16 मार्च 2020 को 38,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

भारत की सोने की मांग 35 फीसद घटी
देश की सोने की मांग बीते साल यानी 2020 में 35 फीसद से अधिक घटकर 446.4 टन रह गई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। डब्ल्यूजीसी की 2020 की सोने की मांग के रुख पर रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन और बहुमूल्य धातुओं के दाम अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचने के बीच सोने की मांग में गिरावट आई। डब्ल्यूजीसी के आंकड़ों के अनुसार बीते साल मूल्य के हिसाब से सोने की मांग में 14 फीसद की गिरावट आई और यह घटकर 1,88,280 करोड़ रुपये रह गई। 2019 में मूल्य के हिसाब से सोने की मांग 2,17,770 करोड़ रुपये रही थी।
 







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