BRICS सम्मेलन में छाया रहेगा अफगानिस्तान का मुद्दा, PM मोदी करेंगे अध्यक्षता

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को ब्रिक्स के 13वें वार्षिक शिखर सम्मेलन की आभारी (वर्चुअल) माध्यम से अध्यक्षता करेंगे। उम्मीद है कि इस सम्मेलन में अफगानिस्तान की स्थिति पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया जाएगा। वर्तमान में भारत ही इस संगठन का अध्यक्ष है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ब्राजील के जायर बोल्सोनारो शामिल होंगे। यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इससे पहले उन्होंने 2016 में गोवा में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। इस बार के शिखर सम्मेलन का विषय है, ‘BRICS@15: निरंतरता, समेकन और आम सहमति के लिए अंतर-ब्रिक्स सहयोग’।

इस बार अध्यक्ष भारत की ओर से विचार के लिए चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार की गई है। ये हैं- बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार, आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष, एसडीजी प्राप्त करने के लिए डिजिटल और तकनीकी उपकरणों का उपयोग और लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देना। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन क्षेत्रों के अलावा, नेता कोविड​​​​-19 महामारी और अन्य मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के प्रभाव पर भी विचार करेंगे।

इस बीच, भारत में रूसी राजदूत निकोले कुदाशेव ने कहा कि शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान की स्थिति पर प्रमुखता से विचार किए जाने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सम्मेलन में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, न्यू डेवलपमेंट बैंक के अध्यक्ष मार्कोस ट्रॉयजो, ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष ओंकार कंवर और ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन की अस्थायी अध्यक्ष संगीता रेड्डी अपने-अपने क्षेत्रों के बारे में रिपोर्ट पेश करेंगे।

ब्रिक्स में दुनिया के पांच सबसे बड़े विकासशील देश- ब्राजील- रूस- भारत- चीन- दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, जिनकी आबादी दुनिया की आबादी का 41 प्रतिशत है। जबकि इनका सकल घरेलू उत्पाद दुनिया की जीडीपी का 24 प्रतिशत और व्यापार दुनिया के कुल व्यापार का 16 प्रतिशत है।

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