UPPSC : यूपी में पीसीएस समेत पांच भर्ती के 13 लाख बेरोजगारों को परीक्षा का इंतजार

0
204
316 Views

अनलॉक होने के साथ ही युवाओं को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) से उम्मीदें बंधी हैं। आयोग ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण अप्रैल, मई और जून की पांच महत्वपूर्ण परीक्षाएं निरस्त कर दी थी। इनमें पांचों भर्ती में कुल 2777 पद थे और 13 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। तकरीबन तीन महीने कामकाज प्रभावित होने के बाद आयोग पर भी चयन प्रक्रिया तेज करने का दबाव है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने 21 महीने में 22870 सेलेक्शन देकर जो मानक स्थापित किए हैं उसके अनुरूप युवाओं की अपेक्षाएं पूरी करने के लिए नए अध्यक्ष संजय श्रीनेत को मेहनत करनी होगी।

आयोग सूत्रों के अनुसार संशोधित कैलेंडर जारी कर समय से परीक्षाएं कराने की तैयारियां तेज कर दी गई है। सीधी भर्ती के हजारों पदों के अलावा 13 बड़ी परीक्षाएं छह महीने में कराना किसी चुनौती से कम नहीं है।

पीसीएस के 538 पदों पर 6.91 लाख आवेदक
सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) तथा सहायक वन संरक्षक (एसीएफ)/क्षेत्रीय वन अधिकारी (आरएफओ) प्रारंभिक परीक्षा 2021 के लिए सर्वाधिक 6,91,173 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। एसडीएम के 52 समेत 538 पदों के लिए यह परीक्षा 13 जून को होनी थी लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण टालनी पड़ गई। नई तारीख का अभ्यर्थियों को इंतजार है ताकि उसी के अनुरूप तैयारी शुरू कर सकें।

प्रवक्ता के 1473 पदों के लिए पांच लाख आवेदन
प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में प्रवक्ता के 1473 पदों पर भर्ती के लिए 20 जून को प्रस्तावित परीक्षा भी स्थगित कर दी गई थी। पुरुष शाखा में 15 विषयों के 991 और महिला शाखा में 16 विषयों के 482 पदों के लिए पांच लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। पहली बार प्रवक्ता का चयन प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के आधार पर होगा। आयोग ने चयन प्रक्रिया से साक्षात्कार हटा दिया है।

कृषि सेवा के 564 पदों के लिए 73470 आवेदन
सम्मिलित राज्य कृषि सेवा परीक्षा 2020 के 564 पदों के लिए 73,470 अभ्यर्थियों को भी परीक्षा का बेसब्री से इंतजार है। परीक्षा 30 मई को होनी थी लेकिन कोरोना का ग्रहण लग गया। आयोग पहली बार इन पदों पर भर्ती के लिए अलग से परीक्षा कराने जा रहा है। इससे पहले ये पद पीसीएस के जरिए भरे जाते थे।

दो और भर्ती की तारीख के इंतजार में हजारों बेरोजगार
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के तहत 23 मई को प्रस्तावित प्रधानाचार्य श्रेणी 2, उप प्रधानाचार्य व सहायक निदेशक (स्क्रीनिंग) परीक्षा 2019 के 74 पदों के लिए 8194 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा 23 मई को होनी थी लेकिन टाल दी गई। इसी प्रकार राजकीय डिग्री कॉलेजों में प्रवक्ता (असिस्टेंट प्रोफेसर) के 128 पदों पर भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा 17 अप्रैल को नहीं हो सकी थी। इसके लिए हजारों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

अवनीश पांडेय (अध्यक्ष प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति) ने कहा, ‘आयोग का कैलेंडर नियमित करना चाहिए। पीसीएस का पैटर्न बदलने एवं कोविड से प्रभावित प्रतियोगी छात्रों को दो अतिरिक्त अवसर देना नितांत आवश्यक है। अन्य राज्य और यूपीएससी ने प्रतियोगी छात्रों को अतिरिक्त अवसर दिया है।’

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here